Meera Bai bhajan by Vani Jairam, Shyam mane chaakar raakho ji

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श्याम मने चाकर राखो जी, चाकर रहसूं, बाग लगासूं नित उठ दर्सन पासूं बृंदाबन की कुंज गलिन में तेरी लीला गासूं श्याम मने चाकर राखो जी, चाकरी में दर्सन पाऊं, सुमिरन पाऊं खरची भाव भक्ति जागीरी पाऊं, तीनों बातां सरसी श्याम मने चाकर राखो जी, मोर

22 January, 2012




    Advanced Meditation at Art of Living Ashram, Bangalore