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Holi song, Guru bhajan

Guru bhajan for Holiमेरे गुरु महाराज खिलावे होली

१. शब्द गुलाल भाव को रंग दे, मेहर कुमकुमा मारो रे

२. बाजत ताल मृदंग झांझ ढप, शब्दन माल लुटायो रे

३. ब्रह्म स्वरूप गुरुजी मिल गये, चाह नहीं भव तरनन की

४. पावन पुष्प एकादशी रंग है, अब ये दान मोहे दीजो रे

My master is celebrating the festival of colours, Holi. Grace, knowledge, bhakti, words and feelings are the colours.

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