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Sri Banke Bihari ji ke sawaiya, 31 of 144

३१.

धूरि भरे अंग सोहन मोहन आछी बनी सिर सुन्दर चोटी।

खेलत खात फिरै अंगना पग पैजनियां कटि पीरी कछौटी।।

या छवि कूं ‘रसखान’ विलोकत बारत काम कलानिधि कोटी।

काग के भाग कहा कहिये हरि हाथ ते लै गयो माखन रोटी॥

A Braj sawaiya by poet Raskhan.

Sri Banke Bihari ji ke sawaiya, 29 of 144, Maharaas in Vrindavan

२९.

मण्डल रास बिलास महा रसमण्डल श्री वृषभान दुलारी।

पंडित कोक चला गुण मण्डित कोटिक राजत गोपकुमारी॥

प्रीतम के भुज दण्ड में शोभित संग में अंग अनंगन वारी।

तान तरंगन रंग बढ़्यो, ऐसे राधिका माधव की बलिहारी॥

God is always in union (Maharaas) with creation, though we don’t always realize it. This sawaiya verse by a Braj poet, depicts the episode when God came as Sri Radha and Krishna - to love and be loved.

Gopis of Vrindavan had prayed to Ma Katyayani on the banks of River Yamuna (Yamuna ji is also Krishna’s wife and she is a symbol of love, a giver of devotion to Krishna.) The prayer was to have Krishna as their master/caretaker/husband. God is already everyone’s caretaker and master. More...

Sri Banke Bihari ji ke sawaiya, 27 of 144

२७.

ज्यों भरि कै जल तीर धरी निरखे त्यों अधीर ह्वै न्हात कन्हाई।

जानैं नहीं तेहि ताकन में ‘रतनाकर’ कीन्ही महा टुनहाई॥

छाई कछू हरू आई शरीर ���ें नीर में आई कछू गरुआई।

नागरी की नित की जो सधी साई गागरी आज उठ न उठाई॥

Holi rasiya from Vrindavan, bahut dinan se roothe shyam ko holi me

Holi song from Vrindavan, Sri Banke Bihari, bahut dinan se mai roothe shyam ko holi me mana laungi

बहुत दिनन से मैं रूठे श्याम को

होली में मना लाउंगी

मना लाउंगी…

वृन्दावन की कुंज गलिन से

गोदी में उठा लाउंगी

मना लाउंगी…

बहुत दिनन से मैं रूठे श्याम को

होली में मना लाउंगी

मना लाउंगी…

अपने आंगन फाग रचा के

भव से उतर जाउंगी

मना लाउंगी…

बहुत दिनन से मैं रूठे श्याम को

होली में मना लाउंगी

मना लाउंगी…

More Holi songs

Holi is a festival of colour-play in India. In Vrindavan, it has a special significance. The idea is to soak in the colours of divinity/divine love :-) Happy Holi from Vrindavan…

Hindola song from Vrindavan - ghir aayi kaari badariya

This rain song from Vrindavan is sung by Anisha Sharma to celebrate raag seva in Braj culture. Raag seva is a musical offering to Sri Jugal Sarkar Radha Krishna.

घिर आई कारी बदरिया, बरसे आधी रात,

जमुना किनारे पड़ो झूलो, झूले राधे-श्याम ।

 

अपना तो ओढ़े कान्हा कारी कामरिया,

राधा जी ओढ़े चुनरिया, चुनरी गोटेदार ।

घिर आई कारी बदरिया, बरसे आधी रात…

 

राधा के नैनन में मोटो मोटो कजरा,

कान्हा की तिरछी नजरिया, चित नैनन चुराय ।

घिर आई कारी बदरिया, बरसे आधी रात…

 

कान्हा के सिर पे मोर मुकुट है,

राधा की लाल-लाल बिंदिया, चमके आधी रात ।

घिर आई कारी बदरिया, बरसे आधी रात…

 

राधा के होठों पे लाल-लाल लाली,

कान्हा के मुख पे मुरलिया, बाजे आधी रात ।

घिर आई कारी बदरिया, बरसे आधी रात…

 

राधा के हाथों में हरी हरी चूड़ियां,

कान्हा के हाथों लकुटिया, गैया ले जाये घेराये, गैया ले आये घेराये ।

घिर आई कारी बदरिया, बरसे आधी रात…

 

कान्हा खड़ें हैं तिरछी अदा से,

राधा की बाजे पायलिया, होवे महारास ।

घिर आई कारी बदरिया, बरसे आधी रात…

जमुना किनारे पड़ो झूलो, झूले राधे-श्याम ।

Holi Rasiya song – Aaj biraj me hori

Holi celebration at Sri Banke Bihari temple, Vrindavan. This song is folk song from Braj. It is a Hori Rasiya. Song clip: Bhagwat Acharya: Sri Mridul Krishna Shastri

Lyrics: Aaj Biraj me hori re Rasiya…

Aaj biraj me Hori re Rasiya, Hori re rasiya barjori re Rasiya

It te aaye Kunwar Kanhaiya, ut te Radha gori re Rasiya

Aaj biraj me Hori re Rasiya, Hori re rasiya barjori re Rasiya

Udat abeer, gulaal, kumkumaa, kesar gaagar dhori re Rasiya More...

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