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Krishna bhajan – Nandlal Gopal Daya Kar Ke Vrindavan Mohe Basa Lena

Radha Ramanj ji in Vrindavan

Photo credit: Amala Saci

नन्दलाल गोपाल दया कर के वृन्दावन मोहे बसा लेना; आंखों से पर्दा हटा मोहे, निज रूप का दर्श दिखा देना

१. धन धाम ना मांगू तुझसे कभी, कोई और ना आस मुराद मेरी; मोहे चरणों मे अपने बिठा लो हरि, मोहे नाम का जाप सिखा देना

२. जी चाहता है तेरी सेवा करूं, तेरी सांवरी सूरत देखा करूं; तेरे चरणों को धो धो पिया करूं, मोहे चरणों की दासी बना लेना

३. मायाजाल में मैं तो ऐसी फंसी, तेरा नाम ही लेना भूल गई; मेरी अंत में होगी क्या ही दशा; मोहे बांके बिहारी बचा लेना

४. मिले भक्तों के काम से समय अगर, दासी पे करना दया की नज़र; जब उमड़ेगा भव का सागर, मोहे आ के पार लगा देना

Sri Banke Bihari ji ke sawaiya, 42 of 144

४२.

मोरपखा गल गुंज की माल किये बर बेष बड़ी छबि छाई।

पीत पटी दुपटी कटि में लपटी लकुटी ‘हटी’ मो मन भाई॥

छूटीं लटैं डुलैं कुण्डल कान, बजै मुरली धुनि मन्द सुहाई।

कोटिन काम ग़ुलाम भये जब कान्ह ह्वै भानु लली बन आई॥

Krishna bhajan lyrics – Nandlal Gopal Daya Kar Ke

नन्दलाल गोपाल दया कर के वृन��दावन मोहे बसा लेना; आंखों से पर्दा हटा मोहे, निज रूप का दर्श दिखा देना

१. धन धाम ना मांगू तुझसे कभी, कोई और ना आस मुराद मेरी; मोहे चरणों मे अपने बिठा लो हरि, मोहे नाम का जाप सिखा देना More...

Master Saleem’s sufi song, Aj hona deedaar maahi da with lyrics

नी आवो सैयों रल देयो बधाइयां, मेरा पीर मेरे घर आया

असमान दा तारा मेरी झोली डिगेया, मेरे रब ने सबब बनाया

अज होणा दीदार माही दा, अज होणा दीदार…

अज माही ने औणा ए औणा, अज माही ने औणा

अज होणा दीदार माही दा, अज होणा दीदार…

अज हवांवा मिठ्ठियां वगना, अज धरती ने दुल्हन सजना

करना हार श्रंगार माही दा More...

Shiva bhajan by Master Saleem, Bhole Nath

ॐ नमः शिवाय

भोलेनाथ, भोलेनाथ

तेरी रचना है न्यारी, तू ही जाने त्रिपुरारी

साजी तूने रंगीली क़ायनात More...

Hindi bhajan lyrics, Daya karo to abhi hi kar do

दया करो तो अभी ही कर दो, हे नाथ फिर कब दया करोगे?

सुनाई होगी ना नाथ जब तक, पुकार यूं ही सुना करोगे

१. अगर तुम्हारी दया ना होगी, तो नाथ मेरी गुज़र ना होगी; ख़ता है मेरी ज़रूर लाखों, हे नाथ तुम ही क्षमा करोगे

२. भंवर के बस में पड़ी है नैया, सहारा देखूं तुम्हारा कब तक; करो किनारे पे जल्दी आकर, हुई जो देरी तो क्या करोगे

३. सुना है हम अंश हैं तुम्हारे, तुम्हीं हो सच्चे प्रभु हमारे; पसारो भुज को, उबारो मुझ को, जनम जन्म से हूं मैं फंसाया

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