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Braj rasiya, Holi song from Vrindavan

हरा रंग डारो, गुलाबी रंग डारो, बसंती बचा के

१. तुम तो कान्हा बड़े नटखट हो, मेरा गजरा बचा के, मेरी बिंदिया बचा के

हरा रंग डारो…

२. तुम तो कान्हा कहा नहीं मानो, मेरी चूड़ियां बचा के, मेरी मेंहदी बचा के

हरा रंग डारो…

३. तुम तो कान्हा बड़े रंग रसिया, मेरा हरवा बचा के, मेरी चुनरी बचा के

हरा रंग डारो…

४. तुम तो कान्हा बड़े हरजाई, मेरी पायल बचा के, मेरा बिछुआ बचा के

हरा रंग डारो

Holi song, Guru bhajan, Holi khel rahe hai Guruvar apne Hari bhakto ke sang

होरी खेल रहे हैं गुरुवर, अपने हरि भक्तों के संग,

हरि भक्तों के संग, अपने हरि भक्तों के संग

१. खेल रही हैं होरी, कर कर के हुड़दंग

गुरु हमारे खेलें होरी, करते रहें सत्संग

२. धर्म के कर में हो पिचकारी, भर विवेक का रंग

जिसके हृदय लगे ये निशाना, वह रह जाये दंग

३. ज्ञान गुलाल मलत मुख ऊपर, प्रेम का भर क रंग

पिया है जिसने वही हुआ है सदगुरु के … संग

४. कान्हा खेल रहे हैं होरी राधाजी के संग

सीता के संग रघुवर खेलें, भीजत हैं सब अंग

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