Holi song with lyrics by Malini Awasthi फगुनवा मा रंग रच रच बरसे

और महीनवा मा बरसे ना बरसे, फगुनवा मा रंग रच रच बरसे| अरे फागुन को एसो गुन महल मढ़ई दूनों एक होई जायें और राजा और रंक दूनों मिल कर गायें| क्या? फगुनवा मा रंग रच रच बरसे...

21 October, 2017

अम्मा मेरे बाबा को भेजो री, के सावन आया

अम्मा मेरे बाबा को भेजो री, के सावन आया, बेटी तेरा बाबा तो बूढ़ा री, के सावन आया, Kajari/Savan folk songs sung by women in Uttar Pradesh in Bihar in India. It is sung here by Padmashree Malini Awasthi ji. अम्मा मेरे बाबा को भेजो री, के सावन

19 October, 2017











    Sri Banke Bihari ji ke sawaiya, 30 of 144, Straight from a Gopi’s heart