Vrindavan bhajan for Sri Radha Rani

माना कि मैं पतित बहुत हूं, हौ पतित पावन तेरो नाम, लाड़ली श्री राधे किशोरी मेरी श्री राधे, लाड़ली श्री राधे, स्वामिनी श्री राधे Feeling grateful for the oral traditions of India :) My heritage.

23 March, 2014



Raskhan ke dohe, Sri Banke Bihari ke sawaiya, 48 of 144

चित्र लिखी सी भई सब देह न वैन कढ़ै मुख दीन्हें दुहाई। कैसी करूं जित जाऊं तितै सब बोलि उठैं वह बांवरी आई॥४८॥ Meaning of this sawaiya verse by Raskhan My eyes have been arrested by the all attractive sight of Krishna :-) On seeing Krishna,

25 October, 2010

Sri Banke Bihari ji ke sawaiya, 44 of 144

केहि पापसों पापी न प्राण चलैं अटके कित कौन विचारलयो। नहिं जानि परै ‘हरिचन्द’ कछू विधि ने हमसों हठ कौन ठयो॥

07 October, 2010

Swami Haridas’s Ashtadash Sidhant, Verse 5, Raga Vilaaval

तुम्हारी माया बाजी विचित्र पसारी, मोहे मुनि सुनि भुले काके कोड़। कहें श्री हरिदास हम जीते, हारे तुम, तो‍उ न तोड़॥५॥ Sri Haridas says, ‘O, Hari, I am competing with you. There is none who can mess up things more than me, and there is none who can

30 September, 2010

Swami Sri Haridas’s Ashtadash Sidhant, Verse 3, An ode to Sri Banke Bihari

कोटि काम लावण्य बिहारी ताके, मुंहाचुहीं सब सुख लिये रहत रुख। श्री हरिदास के स्वामी स्यामा कुंजबिहारी कों, दिन देखत रहौ विचित्र मुख॥ Sri Haridas ji says, ‘Many times the mind gets distracted but there is no pleasure in that. I bring it back to

28 September, 2010

Swami Sri Haridas’s Ashtadash Sidhant, Verse 2

जाहि तुमसों हित तासों तुम हित करौ, सब सुख कारिनी। श्री हरिदास के स्वामी स्यामा कुंजबिहारी, प्राननि के आधारिनी॥२॥ Sri Haridas ji says, ‘Sri Krishna and Radha Rani, it is by your grace alone that everything gets done. It is pointless to discuss

28 September, 2010

Sri Haridas’s song, Ashtadash Sidhant, Verse 1

श्री कुंजविहारिणे नमः ॥राग विभास॥ ज्योंही ज्योंही तुम राखत हौं, त्योंही त्योंही रहियत है हो हरि। और तौ अचरचे पाई धरौ, सो तौ कहो कौन के पैड़ भरि॥

28 September, 2010



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