Anandway: Blog

Roadmaps to joy!

Sri Banke Bihari ji ke sawaiya, 3 of 144

100_3679

३.
जै जै मचों ब्रज में चहूँ ओर, ते बोल रहे नर नारी जौ जै जै ।
जै जै कहें सब देब विमानन, ब्रह्मा त्रिलोचन बोलत जै जै ॥
जै जै कहें भृगु व्यास परासर, बोल रहे सनकादिक जै जै ।
जै जै ‘छबीले’ रँगीले रसीले की, बोलो श्रीबाँकेबिहारी की जै जै ॥

Verses for Sri Banke Bihari of Vrindavan written by by Bhakti era poet Chabeele.

blog comments powered by Disqus

Tag Cloud