Anandway: Blog

Roadmaps to joy!

Holi song lyrics from Vrindavan, Mai holi kaise kheloongi jaa saavariyaa ke sang

रंग मैं होरी कैसे खेलूंगी जा सांवरिया के संग

कोरे कोरे कलस मंगाये, वा मे घोला रंग, भर पिचकारी सम्मुख मारी, चोली हो गई तंग

रंग मैं होरी कैसे…

तबला बाजे, सरंगी बाजे, और बाजे मिरदंग, कान्हा जी की मुरली बाजे, राधा जी के संग

रंग मैं होरी कैसे…

इत ते आई राधा प्यारी सब सखियन के संग, उत ते आये कुंवर कन्हाई ग्वाल बाल के संग

रंग मैं होरी कैसे…

अबीर उड़त, गुलाल उड़त, उड़ते सातों रंग, भर पिचकारी सम्मुख मारी, भीज गयो सब अंग

रंग मैं होरी कैसे…

बरसाने से रंग मंगाया, नंदगांव से भंग, सांवरिया संग ऐसी नाची देखत रह गये दंग

रंग मैं होरी कैसे…

Holi song from Vrindavan, Ut mat jaa thaado Mukutvaaro

उत मत जा, ठाड़ो मुकुटवारो उत मत जा…

द्वारपाल सब सखा साथ में, घूम रह्यो मतवारो रे, उत मत जा…

अबीर-गुलाल के बादल छाये, उड़ रह्यो रंग टेसुवा रे, उत मत जा…

जाइत रोकत ताके नवेली, तक पिचकारी श्याम मारी, उत मत जा…

मैके गई सौभाग्यवती रे, रमण पिया मोहे रंग डारो, उत मत जा…

This song depicts a scene from the festival of Holi in Vrindavan, India:

There are clouds of colours all around. Krishna is playing Holi very enthusiastically, colouring anyone who comes his way! He looks out for the gopis and sprays them with colour. A Gopi is a master of the path of devotion, according to Narad Bhakti Sutra and other scriptures.

Meera Bai Bhajan lyrics, Payo ji maine Raam ratan dhan paayo

पायो जी मैने राम रतन धन पायो

वस्तु अमौलिक दी मेरे सतगुरु, किरपा करि अपनायो

पायो जी मैने…

जनम जनम की पूंजी पाई, जग में सभी खोवायो

पायो जी मैने…

खर्च ना खूटे वाको चोर ना लूटे, दिन दिन बढ़त सवायो

पायो जी मैने…

सत की नांव, खेवटिया सतगुरु, भवसागर तर आयो

पायो जी मैने…

मीरा के प्रभु गिरधर नागर, हरख हरख जस गायो

पायो जी मैने राम रतन धन पायो

Saint Meera Bai says: My Guru has given me the most invaluable treasure. God belongs to me, and I laugh and sing God’s praise.

 

Punjabi Guru bhajan lyrics, Mai neevee meraa sataguru oochaa

मैं नीवीं मेरा सतगुरु ऊंचा, उचेया दे नाल लाई

मैं कमली मैंनूं इलम ना कोई, कदी ना गुरु नूं मनाया

की दस्सा ओसदी वडियाई, जिन कागो हंस बणाया

डोल रही सी नैया मेरी, उत्तो रात हनेरी

धन नी सैयो, सतगुरु मेरे, बांह पकड़ लई मेरी

वारी जावां नी मैं इनां चरणा तों, जिनां नीवेया नाल निभाई

Shiv Tandav Stotram, Sanskrit video

Sung by Ramesh Bhai Ojha

I heard this first at Haridwar where a couple of teenaged Sanskrit scholars sang this joyously and very beautifully in a tiny Shiva temple on the banks of River Ganga. This was post sunset at Ram Dham, Niranjani Akhara Road. The ghat closes for the night after this evening prayer, and I was about the only one left to witness this beautiful rendition which the boys sang as an expression of joy. It was amazing to hear them sing this Sanskrit stotra written by King Ravana (of Ramayan fame).

Tag Cloud