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Heer by Jassi, video and lyrics

Heer by Jassi, Punjabi folk music

हीर आखदी जोगिया वे झूठ बोले

वे कौन रुठड़े यार मनावंदाई…

ऐसा कोई ना मिलया वे मैं ढूंढ थकी, हां…

जेड़ा गयां नूं मोड़ लेयांवंदाई…

साडे चम दियां जुत्तियां करे कोई

जेड़ा जियु दा रोग गवांवदाई…

भला दस खां कीवें विच में…

कदो रब सच्चा घर लेयांवदाई

इक जट दे खेत नूं अग लगी

वेखां आय के कदों बुझांवदाई…

इक बाज तो …खोई

वेखां चुप है कि लांवदाई…

देवा चूरियां घ्यों ते …दी मैं

वारिस शाह जे सुड़ां मैं आंवदाई…

Krishna bhajan, Natwar Nagar Nanda Bhajo re man Govinda

Krishna bhajan by unknown artist

नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा

सब देवों में देव बड़े हैं, श्याम बिहारी नंदा

भजो रे मन गोविंदा

नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा

सब सखियों में राधा बड़ी हैं, जैसे तारों में चंदा More...

Swami Sri Haridas’s Ashtadas Sidhant, Verse 6, Ragani Aasavari

॥ रागनी आसावरी ॥

वंदे अख्त्यार भला।

चित न डुलाव आव समाधि भीतर न हो‍हु अगला॥

न फिर दर दर पिदर दर न होअहु अंधला।

कहें श्री हरिदास करता कीया सो हुआ सुमेरू अचल चला॥६॥

Sri Haridas

Kaliya Nag and Krishna, in a poem from Vrindavan, Sri Banke Bihari ji ke sawaiya, 49 of 144

४९.

कारेइ मोहन कारेइ सोहन, कारी कालेन्दजा के तट आयो।

खेलत गेंद गिरी दह में तब कारे से नाग लो जाय जगायो॥

नाग को नाथ लियो छिन में अरु कारे के सीस पै नृत्य करायो।

‘गोविंद’ यों प्रभु शोभा बखानत कारे कौ नाथ के नाथ कहायो॥४९॥

This Sawaiya verse depicts the episode of Kaliya-manthan in Vrindavan. Poet Govid says:

“Krishna was playing with a ball with his friends on the banks of dark, deep waters of River Yamuna, when his ball fell into Kaliya-dah, a part of the river where Kaliya Nag, the thousand-headed snake lived. Krishna fought with Kaliya and emerged victorious, dancing on Kaliya’s heads. I cannot describe in words the awesome scene…”

Kaliya Nag is a symbol of the 5 senses, and the episode signifies that the master of the senses should be Krishna, else the waters of life would be poisoned by the craving and misery that the senses are capable of bringing, just like the presence of Kaliya Nag in Kaliya-dah, Vrindavan, poisoned the fresh river water.

Aap ko dekh kar dekhta rah gaya, Ghazal by Jagjit Singh, video and lyrics

Ghazal lyrics by Wasim Barelavi

आपको देख कर देखता रह गया, क्या कहूं, और कहने को क्या रह गया

आते आते मेरा नाम सा रह गया, उसके होंठों पे कुछ कांपता रह गया

वो मेरे सामने ही गया, और मैं रास्ते की तरह देखता रह गया

झूठ वाले कहीं से कहीं बढ़ गये, और मैं था कि सच बोलता रह गया

Raskhan ke dohe, Sri Banke Bihari ke sawaiya, 48 of 144

४८.

खंजन नैन फंसे छवि पिंजर, नाहिं रहैं थिर कैसेहु माई।

छूटि गई कुल कानि सखी ‘रसखान’ लखी मुसकानि सुहाई॥

चित्र लिखी सी भई सब देह न वैन कढ़ै मुख दीन्हें दुहाई।

कैसी करूं जित जाऊं तितै सब बोलि उठैं वह बांवरी आई॥४८॥

Meaning of this sawaiya verse by  Raskhan

My eyes have been arrested by the all attractive sight of Krishna :-)

On seeing Krishna, the treasure of bliss, smile at me, I forget my social attachments. My state is such that I am still like a picture, my body is still, no words escape my lips. Wherever I go, people say, ‘O, she is crazy!’

Rabba song from Gurdas Mann’s Punjabi film Sukhmani, video and lyrics

रब्बा, हाय रब्बा…

तू हथ्थां विच हथ फड़ेया, अड़ेया छड्डी ना

मैं विच चनाब दे सोहणी, वे घड़ेया छड्डी ना

तेरे हथ विच जेड़ी लकीर ए अज तों मेरी हो गई

शाला, तूं वी हो जा मेरा, मैं तां तेरी हो गई

रब्बा, हाय रब्बा…

तेरे कदमा विच सिर मेरा, मैं सजदे करनी हां

हुण जो होणाये सो हो जाय

मैं ना डरदी हां

मेरे अंदर दी कमज़ोरी, अज दिलेरी हो गई

शाला तू वी हो जा मेरा, मैं तां तेरी हो गई

रब्बा, हाय रब्बा…

मैं किन्नी ख़ुशकिस्मत हां, मेरा दिल जाणे

वे तेरे दिल विच की है, तेरा रब जाणे

मेरी बाकी बची अखीर वी हुं तां तेरी हो गई

शाला, तूं वी हो जा मेरा, मैं तां तेरी हो गई

रब्बा, हाय रब्बा…

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