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Yoga-based Life Skills for Teens’ Resilience, The Art of Living’s Online Medha Yoga Level 1 for Teenagers

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Yoga-based Life Skills for Teens’ Resilience, The Art of Living’s Online Medha Yoga Level 1 for Teenagers

Invest in your child's ability to respond to challenges. Register them for The Art of Living's Medha Yoga Level 1, Yoga based Life Skills Workshop with Swati Sharma and Anisha Sharma

Online Teens’ Seminar for mind-body fitness!

Medha Yoga Level 1 (the popular YES! Youth Empowerment Seminar)

For students of classes 8 to 12:

12-14 June, 2020: 4-6 p.m. INR 1000

Monthly Online Followup and 24 hour Mobile App Support

Register @ bit.ly/medhayoga1

A Hindi poem for Diwali, इस दिवाली पर कुछ नया कर जाएँ - एक कविता, by Shailendra Rana

This time let Diwali see a NEW You! Celebrate Diwali in a new way. I hope this poem touches a chord in your heart! इस दिवाली पर कुछ नया कर जाएँ - एक कविता

Wish you and your loved ones an awesome Diwali !

Written and recited by : Shailendra Rana (https://www.linkedin.com/in/shailendrarana/)

Editing by: Aditi Rana (https://www.facebook.com/GopalandFriends/)

मंगल मूरति, मारुति नंदन सकल अमंगल मूल निकंदन

मंगल मूरति, मारुति नंदन

सकल अमंगल मू��� निकंदन

पवन तनय, संतन हितकारी

हृदय विराजत अवध बिहारी

मंगल मूरति, मारुति नंदन

मात पिता, गुरु, गणपति, सारद

शिवा समेत शंभु, शुक, नारद

मंगल मूरति, मारुति नंदन

चरण कमल बंदौ सब काहू

देहु राम पद नेह निबाहू

मंगल मूरति, मारुति नंदन

बंदौ राम, लखन, बैदेही

जो तुलसी के परम सनेही

मंगल मूरति, मारुति नंदन

जय जय जय हनुमान गोसाई

कृपा करहु, गुरुदेव की नाई

मंगल मूरति, मारुति नंदन

साधु संत के तुम रखवारे

असुर निकंदन, राम दुलारे

मंगल मूरति, मारुति नंदन

मंगल मूरति, मारुति नंदन

सकल अमंगल मूल निकंदन

ये जगत मिथ्या है, ये जानने के बाद भी छूटता क्यों नहीं। इसे छोड़ने का तरीका क्या है ?

sri sri ravi shankar answers

प्रश्न: कोई चीज़ मिथ्या हो तो उसे छोड़ना कठिन नहीं होता। ये जगत मिथ्या है ये जानने के बाद भी छूटता क्यों नहीं। इसे छोड़ने का तरीका क्या है ?
श्री श्री: अरे ! भगवान ने नहीं छोड़ा तो तुम क्यों छोड़ रहे हो। भगवान का अनुकरण करते हो तो छोड़ने की चेष्टा क्यों करते हो। न पकड़ने की चेष्टा करो, न छोड़ने की। सेवा करो। दुनिया है तो ये काम करने के लिए है। जबकि हम दुनिया की निंदा करते हैं। निंदा करने से तुम आगे नही बढ़ पाओगे। भगवान कृष्ण गीता में कहते हैं कि ये सृष्टि मेरी है, मेरी अपनी माया है ये, और मेरी कृपा से ही तरोगे। और तरने के लिए ही तो ये सब योगाभ्यास, ध्यान, साधना आदि हैं। ये सब अंतर्मुखी होने के लिए हैं। सेवा करने से आनंद मिलता है, और अगर समाज को पकड़ के कुछ चाहते हो तो दुःख मिलता है।

Sri Sri Natural Farming and Home Gardening workshop in Vikaspuri, Delhi

Sri Sri Natural Home Gardening Program

The Art Of Living presents
Home Gardening Workshop

  1. Natural Gardening can save our planet, health and enhance our mental wellness.
  2. A guaranteed formula to deal with child development
  3. Gau based farming prevents neurological diseases and maintains hormonal balance.
  4. It prevents numerous harmful diseases and keeps depression at bay.
  5. Learn to grow chemical free vegetables in your terrace,balcony and home garden in this unique 3 day workshop
  6. Learn how to make Panchgavya based Natural fertilisers and pesticides with practical trainings

Date: 7 - 9 August 2018
⏰ Time: 10:30am-1:30pm
Location: 867 Vikas Kunj, Vikas Puri, New Delhi.

Address Link: https://goo.gl/maps/ZyqS7hmYe3y

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Pay TM- 9811910947
☎Contact:
•Atithi- 9811910947
• Anjali- 9711494449
• Namrata - 9868746179
• Parvatha- 9312432444
• Madhumita- 9873666127
• Savita- 9871369357
• Dr Rita- 9811972909

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