Raga Bhoop, Art of Living bhajan, Hari sunder nand mukunda

January 22, 2012 10:03 by anisha

Composed by Dr Manikanthan


 


Meera Bai Bhajan by Pandit Mallikarjun Mansur in Raga Bhairavi, Mat ja jogi

January 22, 2012 01:31 by nitin

मत जा, मत जा, मत जा जोगी

पांव परूंगी मैं तेरे, जोगी मत जा, मत जा, मत जा

प्रेम भक्ति को * न्यारो, हमको गल बता जा, मत जा, मत जा

अगर चंदन की चिता रचाई, अपने हाथ जला जा,

जोगी मत जा, मत जा, मत जा

* भई भस्म की ढेरी, अपने अंग लगा जा,

जोगी मत जा, मत जा, मत जा

मीरा के प्रभु गिरधर नागर, ज्योति में ज्योत मिला जा,

जोगी मत जा, मत जा, मत जा


 


Raga Bhimpalasi – Ja Ja Re Apane Mandirwa, by Ashwini Bhide Deshpande

August 23, 2010 02:49 by anisha

Hindi Lyrics for this song in Raga Bhimpalasi by eminent Classical Indian singer Ashwini Bhide Deshpande

जा जा रे अपने मंदिरवा

सुन पावे मोरी सास ननदिया

सुनहु सदारत तुमको चाहत है

क्या तुम हमको ठगन दिया

जा जा रे अपने मंदिरवा

सुन पावे मोरी सास ननदिया


 


और राग सब बने बराती, दूल्हा राग बसंत, Raga Basant by Pandit Jasraj

August 11, 2010 08:29 by anisha

और राग सब बने बराती, दूल्हा राग बसंत

मदन महोत्सव आज सखी री अब, विदा भयो हेमंत

सहचर गान करत ऊंचे स्वर, कोकिल बोले असंख्य

गावत नारी पंचम स्वर ऊंचे स्वर, ऐसो गीत अनंत

कृष्ण दास स्वामिन बड़भागिन, मिल्यो है भावतो…


 


Pandit Jasraj, Raga Gurjari Todi – चलो सखी सौतन के घर ज‍इहें

April 4, 2010 11:59 by anisha

चलो सखी सौतन के घर ज‍इहें

मान घटे तो का घट ज‍इहे, पी के दर्सन प‍इहें

ये जोवन अंजुरी को पानी, समो गये पछ्तैये

प्रभु दरश परस कर मन की तपत बुझ‍इहें

चलो सखी सौतन के घर ज‍इहें

मान घटे तो का घट ज‍इहे, पी के दर्सन प‍इहें


 


Ustad Bade Ghulam Khan Saheb - Raga Bageshree

November 7, 2008 11:12 by anisha

Ustad Bade Ghulam Khan Saheb singing in Raaga Bageshree: Kolkata, 1963