April 22, 2011 06:35 by
anisha
Toombi is among the oldest in stringed instruments.
February 24, 2011 05:44 by
anisha
मैं नीवीं मेरा सतगुरु ऊंचा, उचेया दे नाल लाई
मैं कमली मैंनूं इलम ना कोई, कदी ना गुरु नूं मनाया
की दस्सा ओसदी वडियाई, जिन कागो हंस बणाया
डोल रही सी नैया मेरी, उत्तो रात हनेरी
धन नी सैयो, सतगुरु मेरे, बांह पकड़ लई मेरी
वारी जावां नी मैं इनां चरणा तों, जिनां नीवेया नाल निभाई
February 24, 2011 05:39 by
anisha
मेरा शीष गुरु चरणा ते टिकाया रहन दे, सुंदर मूर्ति नूं हिरदय च समाया रहन दे
नित उठ के सवेरे करिये याद गुरां नूं, मन विषया विकारां तो हटाया रहन दे
मेरा शीष गुरु चरणा ते टिकाया रहन दे, सुंदर मूर्ति नूं हिरदय च समाया रहन दे
दुनिया भोलिये नी, की जाणें प्रेम रस नूं, मैनूं प्रेम दा अनोखा रस आया रहन दे
डिगदे हंजुआं दे नाल धोवां चरण गुरां दे, मेरियां अखियां दा चशमा बहाया रहन दे
मेरी ज़िंदगी बसंत दी बहार हो गई, मेरे हिरदय दे फुल्लां नूं चढ़ाया रहन दे
उस दाता दे दर ते उमंग आ गई, उसदे दर उत्ते पलड़ा बिछाया रहन दे
A song heard from my grandmother, learnt by my mother and now me - A timeless folk song from Punjab.
Ustad Nusrat fateh Ali Khan sings Sheikh Fareed’s verses from Guru Granth Sahib
February 15, 2010 04:41 by
anisha

श्यामा फड़ेया पितांबर तेरा, कित्थे नस के जावेगा
हुन मैं आन डिगी दर तेरे, दर्शन कदों दिखावेगा
छडेया तेरे लई ज़माना, तूं ना लांवी कोई बहाना
असां छड के नइयों जाना, जद तक खैर ना पावेगा
श्यामा फड़ेया पितांबर तेरा, कित्थे नस के जावेगा
हुन मैं आन डिगी दर तेरे, दर्शन कदों दिखावेगा
तेरे प्रेम अन्दर पई चीका, मैनूं लोकी लांदे लीका
मैनूं तेरियां रहन उडीकां केड़े वेले आवेंगा
श्यामा फड़ेया पितांबर तेरा, कित्थे नस के जावेगा
हुन मैं आन डिगी दर तेरे, दर्शन कदों दिखावेगा
My mother sings this bhajan for Krishna :-)