Meera Bai bhajan, Barase Badariya Saavan ki

January 21, 2012 11:02 by anisha

बरसे बदरिया सावन की, सावन की मनभावन की,

१. सावन में उमग्यो मेरो मनवा, भनक सुनि हरि आवन की

बरसे बदरिया सावन की…

२. नन्हीं नन्हीं बूंद सुहावन लागत, बूंदन की झर लावन की

बरसे बदरिया सावन की

३. दादुर, मोर, पपीहा बोले, कोयल शबद सुनावन की

बरसे बदरिया सावन की

४. मीरा के प्रभु हरि अविनाशी, आनंद मंगल गावन की,

बरसे बदरिया सावन की

Meera Bai sings a song: In the rainy season (Saavan), I am happy and excited. I hear that my Lord is coming. Raindrops looks lovely. Frogs, Papiha bird and cuckoos also voice their happiness in the rainy season. My Lord is the eternal Lord, Hari. This is the time to sing in bliss.


 


Maine socha na tha, by Vikram Hazra

May 9, 2011 13:58 by anisha

एक दिन आप यूं हम को मिल जायेंगे, फूल ही फूल राहों में खिल जायेंगे, मैंने सोचा ना था

एक दिन ज़िंदगी होगी इतनी हसीं, झूमेगा आस्मां गायेगी ये ज़मीं, मैंने सोचा ना था

दिल की राहों में कलियां सी खिलने लगीं, जब निगाहें निगाहों से मिलने लगी

दिल की डाली पे कलियां सी खिलने लगीं, जब निगाहें निगाहों से मिलने लगी

एक दिन इस तरह होश खो जायेंगे, पास आये तो मदहोश हो जायेंगे, मैंने सोचा ना था

एक दिन ज़िंदगी होगी इतनी हसीं, झूमेगा आस्मां गायेगी ये ज़मीं, मैंने सोचा ना था

जगमगाती हुई जागती रात है, रात हे या सितारों की बारात है

एक दिन दिल की राहों में अपने लिये जल उठेंगे मोहब्बत के इतने दिये, मैंने सोचा ना था

एक दिन आप यूं हम को मिल जायेंगे, फूल ही फूल राहों में खिल जायेंगे, मैंने सोचा ना था


 


13 May Birthday Song for Guruji Sri Sri Ravi Shankar

May 9, 2011 13:48 by anisha

Lyrics: Tera Main...

प्यार के सागर हो, ज्ञान के मंदिर हो,

आंखों में बसते हो, होठों पे हंसते हो,

हर पल जताते हो, ‘तेरा मैं’

दुनिया में आये हो, रौशनी लाये हो,

सब के दुलारे हो, हर दिल पे छाये हो,

हर पल जताते हो, ‘तेरा मैं’

हो, मन के चिराग़ों में तुम झिलमिलाते हो,

भूली से यादों को रौशन कर जाते हो,

याद दिलाते हो, ‘तेरा मैं’

तपती दोपहरों में राहत बन जाते हो,

सब के दिलों की तुम चाहत बन जाते हो,

हंस कर कह जाते हो, ‘तेरा मैं’

सुन लो ये गाते हैं, गा के सुनाते हैं

आज बताते हैं, We love you, O Guruji...


 


Holi song lyrics from Vrindavan मोरी चुनरी में लग गयो दाग़ री, कैसो चटक रंग डारो, श्याम…

February 11, 2011 13:07 by anisha

मोरी चुनरी मे लग गयो दाग री, कैसो चटक रंग डारो, श्याम…

औरन को अचरा ना छुअत है, या को मोही सो लग रही लाग री,

कैसो चटक रंग डारो, श्याम…

मोसो कहत, ओ सुंदर नारी, यो तो मोही से खेलो फाग री,

कैसो चटक रंग डारो, श्याम…

बलि बलि दास, आस ब्रज छोड़ो, ऐसी होरी में लग जाये आग री,

कैसो चटक रंग डारो, श्याम…

मेरी चुनरिया ऐसी कोरी, वा रसिया ने रंग में बोरी,

कैसे छूटोगो वाको दाग़ री, कैसे चटक डारो, श्याम…

चन्द्रसखी भज बालकृष्ण छवि, बड़े भाग सो फागुन आयो री,

कैसो चटक रंग डारो, श्याम…

मोरी चुनरी में लग गयो दाग़ री, कैसो चटक रंग डारो, श्याम…


 


Shiv Tandav Stotram, Sanskrit video

January 16, 2011 09:52 by anisha

Sung by Ramesh Bhai Ojha

I heard this first at Haridwar where a couple of teenaged Sanskrit scholars sang this joyously and very beautifully in a tiny Shiva temple on the banks of River Ganga. This was post sunset at Ram Dham, Niranjani Akhara Road. The ghat closes for the night after this evening prayer, and I was about the only one left to witness this beautiful rendition which the boys sang as an expression of joy. It was amazing to hear them sing this Sanskrit stotra written by King Ravana (of Ramayan fame).


 


Art of Living Bhajan, Shivoham by Bhanu didi, Sacred Chants of Shiva album

January 16, 2011 07:52 by anisha

Sanskrit lyrics

शिवोहं शिवोहं शिव-स्वरूपोहं

नित्योहं शुद्धोहं बुद्धोहं मुक्तोहं

शिवोहं शिवोहं शिव-स्वरूपोहं

अद्वैतं-आनंद रूपं अरूपं

ब्रह्मोहं ब्रह्मोहं ब्रह्म-स्वरूपोहं

चिदोहं चिदोहं सच्चिदानंदोहं

शिवोहं शिवोहं शिव-स्वरूपोहं

नित्योहं शुद्धोहं बुद्धोहं मुक्तोहं

शिवोहं शिवोहं शिव-स्वरूपोहं


 


Swami Sri Haridas’s Ashtadas Sidhant, Verse 6, Ragani Aasavari

November 11, 2010 03:54 by anisha

॥ रागनी आसावरी ॥

वंदे अख्त्यार भला।

चित न डुलाव आव समाधि भीतर न हो‍हु अगला॥

न फिर दर दर पिदर दर न होअहु अंधला।

कहें श्री हरिदास करता कीया सो हुआ सुमेरू अचल चला॥६॥

Sri Haridas