January 22, 2012 10:03 by
anisha
Composed by Dr Manikanthan
January 22, 2012 02:21 by
nitin
सांवरा रे, म्हारी प्रीत निभाजो जी
थे छो म्हारो गुण रो सागर
अवगुण म्हार बिसराजो जी
सांवरा रे, म्हारी प्रीत निभाजो जी…
January 22, 2012 01:31 by
nitin
मत जा, मत जा, मत जा जोगी
पांव परूंगी मैं तेरे, जोगी मत जा, मत जा, मत जा
प्रेम भक्ति को * न्यारो, हमको गल बता जा, मत जा, मत जा
अगर चंदन की चिता रचाई, अपने हाथ जला जा,
जोगी मत जा, मत जा, मत जा
* भई भस्म की ढेरी, अपने अंग लगा जा,
जोगी मत जा, मत जा, मत जा
मीरा के प्रभु गिरधर नागर, ज्योति में ज्योत मिला जा,
जोगी मत जा, मत जा, मत जा
January 22, 2012 01:27 by
nitin
श्याम मने चाकर राखो जी,
चाकर रहसूं, बाग लगासूं नित उठ दर्सन पासूं
बृंदाबन की कुंज गलिन में तेरी लीला गासूं
श्याम मने चाकर राखो जी,
चाकरी में दर्सन पाऊं, सुमिरन पाऊं खरची
भाव भक्ति जागीरी पाऊं, तीनों बातां सरसी
श्याम मने चाकर राखो जी,
मोर मुकुट पीतांबर सोहे, गल बैजन्ती माला
बृन्दावन में धेनु चरावे मोहन मुरली वाला
श्याम मने चाकर राखो जी,
मीरा के प्रभु गहिर गंभीरा सदा रहो जी धीरा
आधी रात प्रभु दर्सन दीन्हें प्रेम नदी के तीरा
श्याम मने चाकर राखो जी
April 22, 2011 06:31 by
anisha
The Bansuri, as the flute is better known in India...
January 16, 2011 09:52 by
anisha
Sung by Ramesh Bhai Ojha
I heard this first at Haridwar where a couple of teenaged Sanskrit scholars sang this joyously and very beautifully in a tiny Shiva temple on the banks of River Ganga. This was post sunset at Ram Dham, Niranjani Akhara Road. The ghat closes for the night after this evening prayer, and I was about the only one left to witness this beautiful rendition which the boys sang as an expression of joy. It was amazing to hear them sing this Sanskrit stotra written by King Ravana (of Ramayan fame).
November 15, 2010 01:24 by
nitin
Heer by Jassi, Punjabi folk music
हीर आखदी जोगिया वे झूठ बोले
वे कौन रुठड़े यार मनावंदाई…
ऐसा कोई ना मिलया वे मैं ढूंढ थकी, हां…
जेड़ा गयां नूं मोड़ लेयांवंदाई…
साडे चम दियां जुत्तियां करे कोई
जेड़ा जियु दा रोग गवांवदाई…
भला दस खां कीवें विच में…
कदो रब सच्चा घर लेयांवदाई
इक जट दे खेत नूं अग लगी
वेखां आय के कदों बुझांवदाई…
इक बाज तो …खोई
वेखां चुप है कि लांवदाई…
देवा चूरियां घ्यों ते …दी मैं
वारिस शाह जे सुड़ां मैं आंवदाई…