Hori song

February 8, 2012 05:15 by anisha

 


Holi with Shivji, Song by Channulal Misra

February 8, 2012 03:07 by anisha

खेलें मशाने में होली, दिगंबर…

गोप न गोपी, श्याम न राधा

न कोई रोक न कौनो बाधा

न साजन न गोरी


 


Holi rasiya, Mat maaro nainan ki chot rasiya

January 21, 2012 11:33 by anisha

मत मारो नैनन की चोट, रसिया…

होरी में मोहे लग जायेगी

१. मैं तो नारि पराये घर की, पराये घर की, पराये घर की

तुम तो बड़े वो हो, हो रसिया, होरी में मोहे लग जायेगी

२. अब की बार बचाय गयी मैं, बचाय गयी मैं, बचाय गयी मैं

कर घंघटे की ओट, रसिया, होरी में मोहे लग जायेगी

३. मैं तो भरी लाज की मारी, लाज की मारी, हां लाज की मारी

तुम हो बड़े चितचोर, रसिया, होरी में मोहे लग जायेगी

४. रसिक गोवंद वहीं जाय खेलो, वहीं जाय खेलो, वहीं जाय खेलो

जहां तुम्हारी जोड़, रसिया, होरी में मोहे लग जायेगी

Playful Govind, go and play with your equal (Radha).


 


Holi song lyrics from Vrindavan मोरी चुनरी में लग गयो दाग़ री, कैसो चटक रंग डारो, श्याम…

February 11, 2011 13:07 by anisha

मोरी चुनरी मे लग गयो दाग री, कैसो चटक रंग डारो, श्याम…

औरन को अचरा ना छुअत है, या को मोही सो लग रही लाग री,

कैसो चटक रंग डारो, श्याम…

मोसो कहत, ओ सुंदर नारी, यो तो मोही से खेलो फाग री,

कैसो चटक रंग डारो, श्याम…

बलि बलि दास, आस ब्रज छोड़ो, ऐसी होरी में लग जाये आग री,

कैसो चटक रंग डारो, श्याम…

मेरी चुनरिया ऐसी कोरी, वा रसिया ने रंग में बोरी,

कैसे छूटोगो वाको दाग़ री, कैसे चटक डारो, श्याम…

चन्द्रसखी भज बालकृष्ण छवि, बड़े भाग सो फागुन आयो री,

कैसो चटक रंग डारो, श्याम…

मोरी चुनरी में लग गयो दाग़ री, कैसो चटक रंग डारो, श्याम…


 


Kin sang khelu holi – Meera Bai, Lata Mangeshkar

March 5, 2009 09:10 by anisha

This song is more in the Chaiti spirit of virah. Chaitra comes soon after the month of Phalgun, and we see here a touch of the Chaiti in terms of longing for the beloved in a particular season.

Lata Mangeshkar sings Mira Bai’s Kin sang khelu holi…