Holi song, Guru bhajan, Holi khel rahe hai Guruvar apne Hari bhakto ke sang

January 21, 2012 12:05 by anisha

होरी खेल रहे हैं गुरुवर, अपने हरि भक्तों के संग,

हरि भक्तों के संग, अपने हरि भक्तों के संग

१. खेल रही हैं होरी, कर कर के हुड़दंग

गुरु हमारे खेलें होरी, करते रहें सत्संग

२. धर्म के कर में हो पिचकारी, भर विवेक का रंग

जिसके हृदय लगे ये निशाना, वह रह जाये दंग

३. ज्ञान गुलाल मलत मुख ऊपर, प्रेम का भर क रंग

पिया है जिसने वही हुआ है सदगुरु के … संग

४. कान्हा खेल रहे हैं होरी राधाजी के संग

सीता के संग रघुवर खेलें, भीजत हैं सब अंग


 


Holi song, Guru bhajan

January 21, 2012 11:18 by anisha

Guru bhajan for Holiमेरे गुरु महाराज खिलावे होली

१. शब्द गुलाल भाव को रंग दे, मेहर कुमकुमा मारो रे

२. बाजत ताल मृदंग झांझ ढप, शब्दन माल लुटायो रे

३. ब्रह्म स्वरूप गुरुजी मिल गये, चाह नहीं भव तरनन की

४. पावन पुष्प एकादशी रंग है, अब ये दान मोहे दीजो रे

My master is celebrating the festival of colours, Holi. Grace, knowledge, bhakti, words and feelings are the colours.


 


Guru Puja chanting by Bhanumathi Narsimhan (Bhanu didi)

January 20, 2012 12:54 by anisha

 


Meera Bai Bhajan lyrics, Payo ji maine Raam ratan dhan paayo

February 24, 2011 06:02 by anisha

पायो जी मैने राम रतन धन पायो

वस्तु अमौलिक दी मेरे सतगुरु, किरपा करि अपनायो

पायो जी मैने…

जनम जनम की पूंजी पाई, जग में सभी खोवायो

पायो जी मैने…

खर्च ना खूटे वाको चोर ना लूटे, दिन दिन बढ़त सवायो

पायो जी मैने…

सत की नांव, खेवटिया सतगुरु, भवसागर तर आयो

पायो जी मैने…

मीरा के प्रभु गिरधर नागर, हरख हरख जस गायो

पायो जी मैने राम रतन धन पायो

Saint Meera Bai says: My Guru has given me the most invaluable treasure. God belongs to me, and I laugh and sing God’s praise.

 


 


Guru Vandana in Sanskrit – Art of Living

February 24, 2011 05:55 by anisha

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः गुरुर्देव परंब्रह्मः तस्मै श्री गुरवे नमः।

अज्ञानतिमिरांधस्य ज्ञानांजनशलाकया चक्षुरौन्मीलितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः।

अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरं तदपदं दर्शितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः।

अनेकजन्म संप्राप्तं कर्मबन्ध विदाहिने आत्मज्ञानप्रदानेन तस्मै श्री गुरवे नमः।

मन्नाथः श्री जगन्नाथा मदगुरु श्री जगदगुरु मदात्मा सर्वभूतात्मा तस्मै श्री गुरवे नमः।

ब्रह्मानन्दं परमसुखदं केवलं ज्ञानमूर्तिं

द्वंद्वातीतं गगनसदृशं तत्वम्स्यादिलक्ष्यम्‍ ।

एकं नित्यं विमलमचलं सर्वधी साक्षीभूतं

भावातीतं त्रिगुणसहितं सदगुरुं तं नमामि॥

In praise of the spiritual master.


 


Punjabi Guru bhajan lyrics, Mai neevee meraa sataguru oochaa

February 24, 2011 05:44 by anisha

मैं नीवीं मेरा सतगुरु ऊंचा, उचेया दे नाल लाई

मैं कमली मैंनूं इलम ना कोई, कदी ना गुरु नूं मनाया

की दस्सा ओसदी वडियाई, जिन कागो हंस बणाया

डोल रही सी नैया मेरी, उत्तो रात हनेरी

धन नी सैयो, सतगुरु मेरे, बांह पकड़ लई मेरी

वारी जावां नी मैं इनां चरणा तों, जिनां नीवेया नाल निभाई


 


Punjabi Guru bhajan, mera sheesh guru charana te tikaayaa rehan de

February 24, 2011 05:39 by anisha

मेरा शीष गुरु चरणा ते टिकाया रहन दे, सुंदर मूर्ति नूं हिरदय च समाया रहन दे

नित उठ के सवेरे करिये याद गुरां नूं, मन विषया विकारां तो हटाया रहन दे

मेरा शीष गुरु चरणा ते टिकाया रहन दे, सुंदर मूर्ति नूं हिरदय च समाया रहन दे

दुनिया भोलिये नी, की जाणें प्रेम रस नूं, मैनूं प्रेम दा अनोखा रस आया रहन दे

डिगदे हंजुआं दे नाल धोवां चरण गुरां दे, मेरियां अखियां दा चशमा बहाया रहन दे

मेरी ज़िंदगी बसंत दी बहार हो गई, मेरे हिरदय दे फुल्लां नूं चढ़ाया रहन दे

उस दाता दे दर ते उमंग आ गई, उसदे दर उत्ते पलड़ा बिछाया रहन दे

A song heard from my grandmother, learnt by my mother and now me - A timeless folk song from Punjab.