November 10, 2012 06:19 by
anisha
January 22, 2012 01:27 by
nitin
श्याम मने चाकर राखो जी,
चाकर रहसूं, बाग लगासूं नित उठ दर्सन पासूं
बृंदाबन की कुंज गलिन में तेरी लीला गासूं
श्याम मने चाकर राखो जी,
चाकरी में दर्सन पाऊं, सुमिरन पाऊं खरची
भाव भक्ति जागीरी पाऊं, तीनों बातां सरसी
श्याम मने चाकर राखो जी,
मोर मुकुट पीतांबर सोहे, गल बैजन्ती माला
बृन्दावन में धेनु चरावे मोहन मुरली वाला
श्याम मने चाकर राखो जी,
मीरा के प्रभु गहिर गंभीरा सदा रहो जी धीरा
आधी रात प्रभु दर्सन दीन्हें प्रेम नदी के तीरा
श्याम मने चाकर राखो जी
January 22, 2012 01:24 by
nitin
Meera Bai bhajan lyrics
बाला मैं बैरागन होऊंगी
जिन भेषां मेरा साहब रीझे, सो ही भेष धरूंगी
बाला, मै बैरागन होऊंगी
कहो तो कुसुमल साड़ी रंगावा, कहो तो भगवा भेस
कहो तो मोतियां मांग भरावां, कहो छिटकावां केस
बाला, मैं बैरागन होऊंगी
प्राण हमारा वहां बसत है, यहां तो खाली खोल
मात पिता परिवार सूं कहिअ तिनका तोड़
बाला, मैं बैरागन होऊंगी
जिन भेषां मेरा साहब रीझे, सो ही भेष धरूंगी
बाला मैं बैरागन होऊंगी
January 25, 2011 11:29 by
anisha
लख खुशियां, पादशाहियां, जे सतगुरु नज़र करे…
My Satguru’s grace is more valuable than millions of joys and kingdoms :-)
January 16, 2011 09:07 by
anisha
तुम से हो जोड़ी, साची प्रीत हम तुम से हो जोड़ी
तुम से हो जोड़ी, अवर संग तोड़ी…
तुम से हो जोड़ी, साची प्रीत हम तुम से हो जोड़ी
जह जह जाऊं वहां तेरी सेवा, तुम सौ ठाकुर, और ना देवा…
January 16, 2011 08:43 by
anisha
गुरु मेरी पूजा, गुरु गोविंद, गुरु मेरा पारब्रह्म, गुरु भगवंत…
This is written by Guru Arjan Dev ji in the sacred Gurubani in Guru Granth Sahib ji.
January 16, 2011 07:52 by
anisha
Sanskrit lyrics
शिवोहं शिवोहं शिव-स्वरूपोहं
नित्योहं शुद्धोहं बुद्धोहं मुक्तोहं
शिवोहं शिवोहं शिव-स्वरूपोहं
अद्वैतं-आनंद रूपं अरूपं
ब्रह्मोहं ब्रह्मोहं ब्रह्म-स्वरूपोहं
चिदोहं चिदोहं सच्चिदानंदोहं
शिवोहं शिवोहं शिव-स्वरूपोहं
नित्योहं शुद्धोहं बुद्धोहं मुक्तोहं
शिवोहं शिवोहं शिव-स्वरूपोहं