Meera Bai bhajan by Lata Mageshkar, Saanvaraa re mhaari preet nibhaajo ji

January 22, 2012 02:21 by nitin

सांवरा रे, म्हारी प्रीत निभाजो जी

थे छो म्हारो गुण रो सागर

अवगुण म्हार बिसराजो जी

सांवरा रे, म्हारी प्रीत निभाजो जी…

 

 


 


Meera Bai Bhajan by Pandit Mallikarjun Mansur in Raga Bhairavi, Mat ja jogi

January 22, 2012 01:31 by nitin

मत जा, मत जा, मत जा जोगी

पांव परूंगी मैं तेरे, जोगी मत जा, मत जा, मत जा

प्रेम भक्ति को * न्यारो, हमको गल बता जा, मत जा, मत जा

अगर चंदन की चिता रचाई, अपने हाथ जला जा,

जोगी मत जा, मत जा, मत जा

* भई भस्म की ढेरी, अपने अंग लगा जा,

जोगी मत जा, मत जा, मत जा

मीरा के प्रभु गिरधर नागर, ज्योति में ज्योत मिला जा,

जोगी मत जा, मत जा, मत जा


 


Meera Bai bhajan by Vani Jairam, Shyam mane chaakar raakho ji

January 22, 2012 01:27 by nitin

श्याम मने चाकर राखो जी,

चाकर रहसूं, बाग लगासूं नित उठ दर्सन पासूं

बृंदाबन की कुंज गलिन में तेरी लीला गासूं

श्याम मने चाकर राखो जी,

चाकरी में दर्सन पाऊं, सुमिरन पाऊं खरची

भाव भक्ति जागीरी पाऊं, तीनों बातां सरसी

श्याम मने चाकर राखो जी,

मोर मुकुट पीतांबर सोहे, गल बैजन्ती माला

बृन्दावन में धेनु चरावे मोहन मुरली वाला

श्याम मने चाकर राखो जी,

मीरा के प्रभु गहिर गंभीरा सदा रहो जी धीरा

आधी रात प्रभु दर्सन दीन्हें प्रेम नदी के तीरा

श्याम मने चाकर राखो जी


 


Meera Bai bhajan by Vani Jairam, Bala mai vairagan houngee

January 22, 2012 01:24 by nitin

Meera Bai bhajan lyrics

बाला मैं बैरागन हो‍ऊंगी

जिन भेषां मेरा साहब रीझे, सो ही भेष धरूंगी

बाला, मै बैरागन हो‍ऊंगी

कहो तो कुसुमल साड़ी रंगावा, कहो तो भगवा भेस

कहो तो मोतियां मांग भरावां, कहो छिटकावां केस

बाला, मैं बैरागन हो‍ऊंगी

प्राण हमारा वहां बसत है, यहां तो खाली खोल

मात पिता परिवार सूं कहिअ तिनका तोड़

बाला, मैं बैरागन हो‍ऊंगी

जिन भेषां मेरा साहब रीझे, सो ही भेष धरूंगी

बाला मैं बैरागन हो‍ऊंगी


 


Braj rasiya, Holi song from Vrindavan

January 21, 2012 12:13 by anisha

हरा रंग डारो, गुलाबी रंग डारो, बसंती बचा के

१. तुम तो कान्हा बड़े नटखट हो, मेरा गजरा बचा के, मेरी बिंदिया बचा के

हरा रंग डारो…

२. तुम तो कान्हा कहा नहीं मानो, मेरी चूड़ियां बचा के, मेरी मेंहदी बचा के

हरा रंग डारो…

३. तुम तो कान्हा बड़े रंग रसिया, मेरा हरवा बचा के, मेरी चुनरी बचा के

हरा रंग डारो…

४. तुम तो कान्हा बड़े हरजाई, मेरी पायल बचा के, मेरा बिछुआ बचा के

हरा रंग डारो


 


Holi song, Guru bhajan, Holi khel rahe hai Guruvar apne Hari bhakto ke sang

January 21, 2012 12:05 by anisha

होरी खेल रहे हैं गुरुवर, अपने हरि भक्तों के संग,

हरि भक्तों के संग, अपने हरि भक्तों के संग

१. खेल रही हैं होरी, कर कर के हुड़दंग

गुरु हमारे खेलें होरी, करते रहें सत्संग

२. धर्म के कर में हो पिचकारी, भर विवेक का रंग

जिसके हृदय लगे ये निशाना, वह रह जाये दंग

३. ज्ञान गुलाल मलत मुख ऊपर, प्रेम का भर क रंग

पिया है जिसने वही हुआ है सदगुरु के … संग

४. कान्हा खेल रहे हैं होरी राधाजी के संग

सीता के संग रघुवर खेलें, भीजत हैं सब अंग


 


Holi song, Guru bhajan

January 21, 2012 11:18 by anisha

Guru bhajan for Holiमेरे गुरु महाराज खिलावे होली

१. शब्द गुलाल भाव को रंग दे, मेहर कुमकुमा मारो रे

२. बाजत ताल मृदंग झांझ ढप, शब्दन माल लुटायो रे

३. ब्रह्म स्वरूप गुरुजी मिल गये, चाह नहीं भव तरनन की

४. पावन पुष्प एकादशी रंग है, अब ये दान मोहे दीजो रे

My master is celebrating the festival of colours, Holi. Grace, knowledge, bhakti, words and feelings are the colours.