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Kaliya Nag and Krishna, in a poem from Vrindavan, Sri Banke Bihari ji ke sawaiya, 49 of 144

४९.

कारेइ मोहन कारेइ सोहन, कारी कालेन्दजा के तट आयो।

खेलत गेंद गिरी दह में तब कारे से नाग लो जाय जगायो॥

नाग को नाथ लियो छिन में अरु कारे के सीस पै नृत्य करायो।

‘गोविंद’ यों प्रभु शोभा बखानत कारे कौ नाथ के नाथ कहायो॥४९॥

This Sawaiya verse depicts the episode of Kaliya-manthan in Vrindavan. Poet Govid says:

“Krishna was playing with a ball with his friends on the banks of dark, deep waters of River Yamuna, when his ball fell into Kaliya-dah, a part of the river where Kaliya Nag, the thousand-headed snake lived. Krishna fought with Kaliya and emerged victorious, dancing on Kaliya’s heads. I cannot describe in words the awesome scene…”

Kaliya Nag is a symbol of the 5 senses, and the episode signifies that the master of the senses should be Krishna, else the waters of life would be poisoned by the craving and misery that the senses are capable of bringing, just like the presence of Kaliya Nag in Kaliya-dah, Vrindavan, poisoned the fresh river water.

Swami Haridas’s Ashtadash Sidhant, Verse 5, Raga Vilaaval

श्री कुंजविहारिणे नमः

॥ राग विलावल ॥

ए हरि! मोसौ न विगारन कौ, तोसो न संभारन कौ, मोहि तोहि परी होड़।

कौनधौ जीते कौनधौ हारें, पर बदी न छोड़॥

तुम्हारी माया बाजी विचित्र पसारी, मोहे मुनि सुनि भुले काके कोड़।

कहें श्री हरिदास हम जीते, हारे तुम, तो‍उ न तोड़॥५॥

Sri Haridas says, ‘O, Hari, I am competing with you. There is none who can mess up things more than me, and there is none who can make things alright as you can…. Even if I win, I am a loser in reality.’

Ye To Prem Ki Baat Hai Udhau, bhajan by Mridul Krishna Shastri of Vrindavan

Bhajan Lyrics

ये तो प्रेम की बात है ऊद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है

यहां सर दे के होते हैं सौदे, आशिकी इतनी सस्ती नहीं है

प्रेम वालों ने कब वक्त पूछा

उनकी पूजा में, सुन ले ऐ उद्धव

यहां दम दम में होती है पूजा

सर झुकाने की फुर्सत नहीं है More...

Radhe Albeli Sarkar bhajan by Gaurav Krishna Goswami of Vrindavan

Bhajan Lyrics

कर दो, कर दो बेड़ा पार, राधे अलबेली सरकार

राधे अलबेली सरकार…

बार बार श्री राधे, हमको वृंदावन में बुलाना

आप भी दर्शन देना, बिहारी जी से भी मिलवाना

यही है बिनती बारंबार More...

Kishori Kuch Aisa Intazaam Ho Jaaye, Radha bhajan by Gaurav Krishna Shastri Goswami

Bhajan Lyrics

किशोरी कुछ ऐसा इंतज़ाम हो जाये

हो, ज़ुबां पे राधा राधा राधा नाम हो जाये

हो इंतज़ाम हो जाये, इंतज़ाम हो जाये

हो राधा नाम हो जाये, राधा नाम हो जाये More...

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