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Question Answer with Sri Sri Ravi Shankar in Hindi

प्रश्न : गुरुजी क्या अध्यात्म को विज्ञान के द्वारा समझाया जा सकता है ? कभी कभी मुझे इस सृष्टि पर आश्चर्य होता है जिसे अभी भी विज्ञान के द्वारा समझना शेष है | क्या वेद में इसका समाधान है ?


श्री श्री रवि शंकर: योग की शुरुआत आनंद से होती है, जब आप आनंदमय होते हैं  तो आप सत्य की खोज शुरू कर देते हैं और आपकी यात्रा की शुरुआत हो जाती है |

यह भी ठीक है ‘विस्मयो योग भूमिका |

आध्यात्म की शुरुआत आनंद से होती है और फिर वह हर समय मनोरंजन उद्यान मे रहने के सामान है | आप आश्चर्य चकित हो जाते हैं, ओह, यह ऐसा है ? यह संसार क्या है ? इसमें विभिन्न किस्म के वृक्ष पौधे, फूल, पत्तियां, सब्जियां, फूल  और लोग है फिर यह सब क्या है ? जब इस प्रकार का विचार आप मे आता है, तो ज्ञान का उदय होता है |

Why do so many religions face east when praying

Sri Sri Ravi Shankar and Dalai Lama

Q. Why do so many religions face east when praying? Is it good to face east when meditating?

Sri Sri Ravi Shankar: Different reasons exist. The sun rises in the east. So, in the morning, you meditate facing east. But in the evening, you face west because the sun sets in the west. Energy flows from where the sun is. So, when you face the sun, you are balanced. For prayer and meditation, you need balance - balance of mind, posture… See, it does not matter which direction you face when you meditate, as long as you are facing a direction and meditating.

रिश्तों को स्वस्थ रखने का क्या उपाय है

herons

प्रश्न : रिश्तों को स्वस्थ रखने का क्या उपाय है?

श्री श्री रवि शंकर : मुझे इस क्षेत्र का अनुभव नहीं है! (हंसी) फिर भी मैं कुछ सलाह दे सकता हूं।

पहली सलाह है महिलाओं के लिये – कभी भी अपने आदमी के अहं को ठेस मत पहुंचाना। हमेशा उसका उत्साह बढ़ाओ, अहं को सहारा दो। चाहे पूरी दुनिया उसे नाकारा कहे, तुम ऐसा मत कहना! तुम उससे कहना कि उसके पास विश्व का श्रेष्ठतम दिमाग है – वो उसका प्रयोग नहीं करता है इसका मतलब ये नहीं है कि उसके पास वो दिमाग नहीं है! तुम्हें हमेशा कहना चाहिये कि वो सर्वश्रेष्ठ आदमी है। हमेशा उसके अहं का पोषण करो। अगर तुम उसे नाकारा कहोगी तो वो सचमुच ऐसा ही हो जायेगा।

अब एक सलाह है पुरुषों के लिये – कभी भी स्त्री की भावनाओं को ठेस मत पंहुचाना। हां, वो कभी कभी अपने घरवालों के बार में शिकायत कर सकती है, अपने भाई के बारे में, अपने पिता या मां के बारे में, पर तुम कभी उसकी बात से सहमति मत जताना। अगर तुमने उसकी बात से सहमति जताई तो वह पलट कर तुम्हें ही बुरा भला कहेगी। कभी भी उसके परिवार की बेइज़्ज़ती मत करना। उसे कभी भी ख़रीददारी करने से या किसी आध्यात्मिक कार्यक्रम में जाने से मत रोकना। अगर वो ख़रीददारी करने जाना चाहे तो उसे अपना क्रेडिट कार्ड दे देना।

अब एक सलाह, दोनों के लिये – कभी भी एक दूसरे से प्रेम का प्रमाण मत मांगना। ये मत पूछना, ‘क्या तुम मुझे सचमुच प्रेम करते हो? तुम मुझे पहले जैसा प्रेम नहीं करते।’ अपने प्रेम को प्रमाणित करना बहुत बोझिल कार्य है। अगर कोई तुम से कहे कि अपने प्रेम को प्रमाणित करो तो तुम कहोगे, ‘हे भगवान! मैं इस व्यक्ति को कैसे बताऊं?’ हर काम कुछ ख़ास अदाज़ में और मुस्कुराते हुये करो।

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God is the power due of which everything happens

Q: Why God?
Sri Sri Ravi Shankar: Why not God? Why would you ask this question if there was no God. What will you say if a wave questions the existence of God? A wave exists because of the presence of ocean. Because of whose presence you are standing, you think, you listen, you understand, you breathe – that only is God. Who is God? God is not sitting somewhere up in the sky. God is the power due of which everything happens. More...

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