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Meera Bai Bhajan by Pandit Mallikarjun Mansur in Raga Bhairavi, Mat ja jogi

मत जा, मत जा, मत जा जोगी

पांव परूंगी मैं तेरे, जोगी मत जा, मत जा, मत जा

प्रेम भक्ति को * न्यारो, हमको गल बता जा, मत जा, मत जा

अगर चंदन की चिता रचाई, अपने हाथ जला जा,

जोगी मत जा, मत जा, मत जा

* भई भस्म की ढेरी, अपने अंग लगा जा,

जोगी मत जा, मत जा, मत जा

मीरा के प्रभु गिरधर नागर, ज्योति में ज्योत मिला जा,

जोगी मत जा, मत जा, मत जा

Meera Bai bhajan by Vani Jairam, Shyam mane chaakar raakho ji

श्याम मने चाकर राखो जी,

चाकर रहसूं, बाग लगासूं नित उठ दर्सन पासूं

बृंदाबन की कुंज गलिन में तेरी लीला गासूं

श्याम मने चाकर राखो जी,

चाकरी में दर्सन पाऊं, सुमिरन पाऊं खरची

भाव भक्ति जागीरी पाऊं, तीनों बातां सरसी

श्याम मने चाकर राखो जी,

मोर मुकुट पीतांबर सोहे, गल बैजन्ती माला

बृन्दावन में धेनु चरावे मोहन मुरली वाला

श्याम मने चाकर राखो जी,

मीरा के प्रभु गहिर गंभीरा सदा रहो जी धीरा

आधी रात प्रभु दर्सन दीन्हें प्रेम नदी के तीरा

श्याम मने चाकर राखो जी

Meera Bai bhajan by Vani Jairam, Bala mai vairagan houngee

Meera Bai bhajan lyrics

बाला मैं बैरागन हो‍ऊंगी

जिन भेषां मेरा साहब रीझे, सो ही भेष धरूंगी

बाला, मै बैरागन हो‍ऊंगी

कहो तो कुसुमल साड़ी रंगावा, कहो तो भगवा भेस

कहो तो मोतियां मांग भरावां, कहो छिटकावां केस

बाला, मैं बैरागन हो‍ऊंगी

प्राण हमारा वहां बसत है, यहां तो खाली खोल

मात पिता परिवार सूं कहिअ तिनका तोड़

बाला, मैं बैरागन हो‍ऊंगी

जिन भेषां मेरा साहब रीझे, सो ही भेष धरूंगी

बाला मैं बैरागन हो‍ऊंगी

Meera Bai bhajan, Barase Badariya Saavan ki

बरसे बदरिया सावन की, सावन की मनभावन की,

१. सावन में उमग्यो मेरो मनवा, भनक सुनि हरि आवन की

बरसे बदरिया सावन की…

२. नन्हीं नन्हीं बूंद सुहावन लागत, बूंदन की झर लावन की

बरसे बदरिया सावन की

३. दादुर, मोर, पपीहा बोले, कोयल शबद सुनावन की

बरसे बदरिया सावन की

४. मीरा के प्रभु हरि अविनाशी, आनंद मंगल गावन की,

बरसे बदरिया सावन की

Meera Bai sings a song: In the rainy season (Saavan), I am happy and excited. I hear that my Lord is coming. Raindrops looks lovely. Frogs, Papiha bird and cuckoos also voice their happiness in the rainy season. My Lord is the eternal Lord, Hari. This is the time to sing in bliss.

Barase badariya saavan ki – Meera bhajan

This Meera bhajan is sung by Gayatri and Muthuswamy Bharadwaj in Raga Malhar.

बरसे बदरिया सावन की…

सावन की, मनभावन की ।

सावन में उमग्यो मेरो मनवा, भनक सुनी हरि आवन की ।

बरसे बदरिया सावन की…

…कुन्जन में बरसे, शीतल पवन सुहावन की ।

बरसे बदरिया सावन की…

मीरा के प्रभु गिरिधर नागर, आनन्द मंगल गावन की ।

बरसे बदरिया सावन की…

सावन की, मनभावन की ।

बरसे बदरिया सावन की…

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