Anandway: Blog

Roadmaps to joy!

Chaiti song by Malini Awasthi Chadhat Chait Chit Laage, with lyrics

चढ़इल चैत चित लागे न बाबा के भवनवा

बीर बमनवा सगुन बिचारो

कब हु‍इहैं पिया से मिलनवा

चढ़इल चैत चित लागे न बाबा के भवनवा

Chaiti is a folk genre in Indian music from Uttar Pradesh, Bihar.

Kajari folk song from Mirzapur by Malini Awasthi with lyrics

A Kajari song from Mirzapur by Malini Awasthi. It is sung in the rainy season, especially on Kajali Teej festival at Vindhyavasini Devi temple, Mirzapur, Uttar Pradesh, India.

अरे रामा सावन मा घनघोर बदरिया छाई रे हारी

घन उमड़ घुमड़ के छाये, उत कजारे घन छाये रे रामा

अरे रामा झींगुर की छनकारि, पिया को लागे प्यारी रे हारी

झूला पड़ा कदम की डारि, झूलें ब्रिज के नर नारि

अरे रामा पेंग बढ़ावे राधा प्यारी, पिया को लागे प्यारी रे हारी

अरे रामा सावन मा घनघोर बदरिया छाई रे हारी

बदरिया छाई रे हारी

Malini Awasthi singing Bidai song Nimiya ke Ped, with lyrics

बाबा निमिया के पेड़ जिनि काटियो रे, निमिया पे चिरैया के बसेरे,

बलैंया लेहुं भै���ा के

बाबा सगरी चिरैया उड़ि जैहे

रहि ज‍इ निमिया अकेलि

बलैया लेहुं भैया के

बाबा सगरी बिटिया घरि चले ज‍इहे

माई रहि जाये अकेलि

बलैया लेहुं भैया की

Malini Awasthi singing Batohiya, with lyrics

सुंदर सुभूमि भैया भारत के देसवा

मोरे प्रान बसे हिमखोह रे बटोहिया

जाओ जाओ भैया रे बटोही हिंद देखि आओ

जहां ऋषि चारो वेद गावे रे

सुंदर सुभूमि भैया भारत के देसवा

मोरे प्रान बसे हिमखोह रे बटोहिया

गंगा के, जमुना के जगमग पनिया रे

सरजू झमकि लहि जावे रे

सुंदर सुभूमि भैया भारत के देसवा रे

मोरे बाप दादा की कहानी रे, बटोहिया

Malini Awasthi Bhojpuri song Kachori Gali, with Lyrics

मिर्जापुर भईल गुल्जार हो, कचोड़ी गली सून कईला बलमू

सेजिया पे लोटे काला नाग हो, कचोड़ी गली सून कईला बलमू

एही मिर्जापुर से उड़्ले जहजिया हो गुइया,

सैया चले गईले रंगून हो, कचोड़ी गली सून कईला बलमू

पनवा से पातर भईल तोर धनिया,

देहिया कलेला जैसे नून हो, कचोड़ी गली सून कईला बलमू

हाथवा मे होत जो हमरे कटरिया,

बहा देती गोरवन के खून हो, कचोड़ी गली सून कईला बलमू

This song by Malini Awasthi is about missing the beloved.

Bhojpuri song by Malini Awasthi, Reliya Bairan

रेलिया बैरन पिया को लिये जाय रे, रेलिया बैरन

जौंन टिकस्वा से बलमा मोरे जंइहे, पानी बरसे टिकस गल जाये रे, रेलिया बैरन…

जौंन सहरिया को सैया मोरे जंइहे, आग लग जैहे, सहर जल जाये रे, रेलिया बैरन…

जौन साहेबवा के पिया मोरे नौकर, लग जाये गोली, साहब मर जाये रे, रेलिया बैरन…

जौन सौतनिया पे पिया मोरे रीझे, खाय धतूरा सवत बौराय रे, रेलिया बैरन…

रेलिया बैरन पिया को लिये जाय रे, रेलिया बैरन…

~ संकलन कर्ता - पडित राम त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश

Malini Awasthi is a student of Srimati Girija Devi, and specialises in folk music from Uttar Pradesh and Bihar.

रेलिया बैरन पिया को लिये जाय रे, this song is a catharsis for millions of migrants from villages and small towns of Uttar Pradesh, Madhya Pradesh and Bihar. The husband or beloved leaves home to earn a livelihood and is missed by his family back home.

गुरु मात पिता, गुरु बंधु सखा, तेरे चरणों में स्वामी मेरे कोटि प्रणाम

गुरु मात पिता, गुरु बंधु सखा, तेरे चरणों में स्वामी मेरे कोटि प्रणाम

१. प्रियताम तुम्हीं, प्राणनाथ तुम्हीं, तेरे चरणों में स्वामी मेरे कोटि प्रणाम

२. तुम्हीं भक्ति हो, तुम्हीं शक्ति हो, तुम्हीं मुक्ति हो, मेरे सांब शिवा

३. तुम्हीं प्रेरणा, तुम्हीं  साधना, तुम्हीं आराधना मेरे सांब शिवा

४. तुम्हीं प्रेम हो, तुम्हीं करुणा हो, तुम्हीं मोक्ष हो मेरे सांब शिवा

Tag Cloud