Anandway: Blog

Roadmaps to joy!

Janmashtmi Dadra song by Malini Awasthi

राधा कृष्ण की दासिनी, कृष्ण राधा को दास

जनम प्रभु सभी को दीजिये वृन्दावन को वास

श्याम तोहे नजरिया लग जायेगी

दिन नहीं चैन, रैन नहीं निंदिया

सुन तोरी मुरलिया, मैं मर जाउंगी

श्याम तोहे नजरिया लग जायेगी

अईले कन्हैया, रे अईले कन्हैया

नंद बाबा घर अईले कन्हैया

देवकी ने जाये लाल, जशोदा ने पाये

सोये पहराउ लेके वसुदेव आये

जसोदा से नेग खातिर झगरे नौनिया

नंद बाबा घर अईले कन्हैया

Braj rasiya, Holi song from Vrindavan

हरा रंग डारो, गुलाबी रंग डारो, बसंती बचा के

१. तुम तो कान्हा बड़े नटखट हो, मेरा गजरा बचा के, मेरी बिंदिया बचा के

हरा रंग डारो…

२. तुम तो कान्हा कहा नहीं मानो, मेरी चूड़ियां बचा के, मेरी मेंहदी बचा के

हरा रंग डारो…

३. तुम तो कान्हा बड़े रंग रसिया, ���ेरा हरवा बचा के, मेरी चुनरी बचा के

हरा रंग डारो…

४. तुम तो कान्हा बड़े हरजाई, मेरी पायल बचा के, मेरा बिछुआ बचा के

हरा रंग डारो

Krishna bhajan – tum kaha chhupe bhagavan ho

तुम कहां छुपे भगवन हो, मधुसूदन हो, मोहन हो,

कहां ढूंढू रमा रमन हो, मेरे प्यारे मनमोहन हो

क्या छुपे क्षीरसागर में, या गोपिन की गागर में,

या छुपे भक्त-हृदय में, मेरे प्यारे मनमोहन हो

हो सांवरी सूरत वाले, इक बार दिखा दे झांकी,

है कसम तुम्हें राधा की, मेरे प्यारे मनमोहन हो

मेरे हृदय कुंज में आओ, बस आओ तो बस जाओ

आओ तो छुप जाओ, यहां प्रेम सुधा बरसाओ

यहां प्रेम सुधा बरसाओ, मेरे प्यारे मनमोहन हो

Meera Bai Bhajan – Sakhi ree mohe laage vrinavan neeko

आली री मोहे लागे वृन्दावन नीको

निर्मल नीर बहत यमुना को, भोजन दूध दही को,

सखी सी मोहे लागे वृन्दावन नीको 

आली री मोहे लागे वृन्दावन नीको

रतन सिंहासन आप विराजे, मुकुट धरे तुलसी को

आली री मोहे लागे वृन्दावन नीको

कुंजन कुंजन फिरत राधिका, शब्द सुनत मुरली को

आली री मोहे लागे वृन्दावन नीको

मीरा के प्रभु गिरधर नागर, भजन बिना नर फीको

आली री मोहे लागे वृन्दावन नीको

In this bhajan, Meera Bai sings and tells her friends that she loves Vrindavan. The clear waters of Yamuna flow through Vrindavan. There is an abundance of milk and ghee for food. Krishna is sitting on an ornate chair with a crown of tulsi (Holy Basil) leaves on his forehead. Radhika is going from one garden to another in search of Krishna. Meera says that there is no enjoyment in a human life like the one that is in devotion.

Krishna bhajan, Natwar Nagar Nanda Bhajo re man Govinda

Krishna bhajan by unknown artist

नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा

सब देवों में देव बड़े हैं, श्याम बिहारी नंदा

भजो रे मन गोविंदा

नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा

सब सखियों में राधा बड़ी हैं, जैसे तारों में चंदा More...

Raskhan ke dohe, Sri Banke Bihari ke sawaiya, 48 of 144

४८.

खंजन नैन फंसे छवि पिंजर, नाहिं रहैं थिर कैसेहु माई।

छूटि गई कुल कानि सखी ‘रसखान’ लखी मुसकानि सुहाई॥

चित्र लिखी सी भई सब देह न वैन कढ़ै मुख दीन्हें दुहाई।

कैसी करूं जित जाऊं तितै सब बोलि उठैं वह बांवरी आई॥४८॥

Meaning of this sawaiya verse by  Raskhan

My eyes have been arrested by the all attractive sight of Krishna :-)

On seeing Krishna, the treasure of bliss, smile at me, I forget my social attachments. My state is such that I am still like a picture, my body is still, no words escape my lips. Wherever I go, people say, ‘O, she is crazy!’

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