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Krishna bhajan in Hindi, 1

Krishna bhajan in Hindi, 1

सुनो टेर मेरी, अहो कृष्ण प्यारे

कनक पाट खोलो, हैं द्वारे पे आये

सुना है पतितों को पावन बनाते

सुना है कि दुखियों को हृदय से लगाते

यही आस ले दासी द्वारे पे आई

सुनो टेर मेरी, अहो कृष्ण प्यारे

कनक पाट खोलो, हैं द्वारे पे आये

सुना हमनें मुरली की है तान प्यारी

सुना है कि मोहनी मूरत तुम्हारी

दरश दीजिये हमको बांके बिहारी

सुनो टेर मेरी, अहो कृष्ण प्यारे

कनक पाट खोलो, हैं द्वारे पे आये

सुना है कि गोपिन से माखन चुराते

सुना है कि नित बन में रास रचाते

यही ढूंढते हैं ये लोचन हमारे

सुनो टेर मेरी, अहो कृष्ण प्यारे

कनक पाट खोलो, हैं द्वारे पे आये

This is a bhajan my mother sings.

Krishna bhajan in Punjabi,1

Krishna bhajan in Punjabi

श्यामा फड़ेया पितांबर तेरा, कित्थे नस के जावेगा

हुन मैं आन डिगी दर तेरे, दर्शन कदों दिखावेगा

छडेया तेरे लई ज़माना, तूं ना लांवी कोई बहाना

असां छड के न‍इयों जाना, जद तक खैर ना पावेगा

श्यामा फड़ेया पितांबर तेरा, कित्थे नस के जावेगा

हुन मैं आन डिगी दर तेरे, दर्शन कदों दिखावेगा

तेरे प्रेम अन्दर पई चीका, मैनूं लोकी लांदे लीका

मैनूं तेरियां रहन उडीकां केड़े वेले आवेंगा

श्यामा फड़ेया पितांबर तेरा, कित्थे नस के जावेगा

हुन मैं आन डिगी दर तेरे, ��र्शन कदों दिखावेगा

My mother sings this bhajan for Krishna :-)

Holi rasiya from Vrindavan, bahut dinan se roothe shyam ko holi me

Holi song from Vrindavan, Sri Banke Bihari, bahut dinan se mai roothe shyam ko holi me mana laungi

बहुत दिनन से मैं रूठे श्याम को

होली में मना लाउंगी

मना लाउंगी…

वृन्दावन की कुंज गलिन से

गोदी में उठा लाउंगी

मना लाउंगी…

बहुत दिनन से मैं रूठे श्याम को

होली में मना लाउंगी

मना लाउंगी…

अपने आंगन फाग रचा के

भव से उतर जाउंगी

मना लाउंगी…

बहुत दिनन से मैं रूठे श्याम को

होली में मना लाउंगी

मना लाउंगी…

More Holi songs

Holi is a festival of colour-play in India. In Vrindavan, it has a special significance. The idea is to soak in the colours of divinity/divine love :-) Happy Holi from Vrindavan…

Sri Banke Bihari ji ke sawaiya, 16 of 144

Krishna playing flute in Vrindavan, Venugeet

१६.
मन मोहनलाल बड़ो छलिया, सखि वारू की भीति उठावत है ।
कर तोरत है नभ की कलियाँ, चट बन्द के फन्द लगावत है ॥
जहँ पौंन न जाय सकै, मुरली धुनि की तहँ दूती पठावत है ।
कहूँ चोर कहूँ दधि दानी बनैं, कहूँ साह लली बनि आवत है ॥

This sawaiya verse says:

Krishna is very naughty.… He sends the music of his flute as a messenger to places wherever even the breeze has no access!

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Sri Banke Bihari ji ke sawaiya, 15 of 144

Sri Bnake Bihari ke sawaiya, dohe१५.
काहे को वैद बुलावत हो, मोहि रोग लगाय के नारि गहो रे ।
हे मधुहा मधुरी मुसकान निहारे बिना, कहो कैसो जियो रे ॥
चन्दन लाय कपूर मिलाय, गुलाब छिपाय दुराय धरो रे ।
और इलाज कछू न बनै, ब्रजराज मिलैं सो इलाज करो रे ॥

This sawaiya verse from Vraj says:

Why do you call a physician to take care of my illness? How can I live without seeing the sweet smile of Krishna? You are taking trouble to mix herbs for medicine; sandalwood, rose and camphor… No treatment other than the meeting of Krishna will help me recover.

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Sri Banke Bihari ji ke sawaiya, 13 of 144

radha krishna, Banke bihari ke sawaiya

१३.
आपकी ओर की चाहैं लिखी, लिखि जात कथा उत मोहन ओर की ।
प्यारी दया करि वेगि मिलो, सहिजात व्यथा नहि मैंनमरोर की ॥
आपुहिं बाँचत अंग लगाबति, है किन आनी चिठी चितचोर की ।
राधिका मौन रही धरि ध्यान सो, है गई मूरति नन्दकिसोर की ॥

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Sri Banke Bihari ji ke sawaiya, 12 of 144

१२.
एक सखी घर सो निकसी, मानो चंदहि देन चली उपमा सी ।
कोऊ कहै यह काहू की नगरि, कोऊ कहै यह काहू की दासी ॥
मारग बीच मिले नंदनंदन, दै दई कूक मचाय के हाँसी ।
घूँघट को पट खैंच लियो, तब दोज की हो गई पूरनमासी ॥

This sawaiya verse from Vrindavan says: A young lady came out of her home. She was dazzling like the moon. People wondered who she was? Nandnandan Krishna saw her pass and quickly upturned the veil from her face. The face that was earlier showing like a sliver of the new moon, was now fully visible, a gorgeous full moon…

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