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Swami Ramtirtha’s quote on Brahman

“ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है – नामरूपात्मक जगत मिथ्या है।”

~ स्वामी रामतीर्थ

Only Brahma is. This world with all its names and forms is not the absolute truth. (translated)

संकल्प का क्या महत्व है, और इसे कैसे शक्तिशाली बनायें

प्रश्न: संकल्प का क्या महत्व है, और इसे कैसे शक्तिशाली बनायें? क्या विश्व संकल्प के बल पर ही चलता है?

श्री श्री रविशंकर: मन में संकल्प और विकल्प भरे हुये हैं। हर काम संकल्प से ही पूरा होता है। अपना हाथ हिलाने की प्रक्रिया के पहले हाथ हिलाने का संकल्प आता है। अगर मन में एक साथ २० संकल्प उठें तो कोई काम नहीं होता। जब हमारा मन शांत और विश्राम की स्थिति में हो तो हमारा संकल्प शक्तिशाली बनता है।

एक कमज़ोर मन का संकल्प कमज़ोर होता है, और शक्तिशाली मन का संकल्प शक्तिशाली होता है। हम अपने मन को साधना और ज्ञान से शक्तिशाली बना सकते हैं। तब संकल्प भी शक्तिशाली होगा। एक ज्ञानी व्यक्ति ५० दिनों के बाद एक संकल्प करता है और एक अज्ञानी व्यक्ति एक दिन में ५० संकल्प करता है।

http://wisdomfromsrisriravishankarhindi.blogspot.com/2009_09_01_archive.html

सफलता और असफलता

प्रश्न : कृपया सफलता और असफलता के बारे में बताइये।

श्री श्री रवि शंकर : असफलता, सफलता की दिशा में एक कदम है। सफलता तुम्हारी क्षमता के एक अंश की अभिव्यक्ति है। सफलता में तुम ने अपनी क्षमता की एक छोटी सी झलक मात्र दिखाई है।

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