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Holi song with lyrics by Malini Awasthi फगुनवा मा रंग रच रच बरसे

और महीनवा मा बरसे ना बरसे, फगुनवा मा रंग रच रच बरसे|

अरे फागुन को एसो गुन

महल मढ़ई दूनों एक होई जायें

और राजा और रंक दूनों मिल कर गायें|

क्या?

फगुनवा मा रंग रच रच बरसे...

अरे बाग वाली भीजे, बगेचा वाली भीजे

उहों भीज गईली जो निकली ना घर से

फगुनवा मा रंग रच रच बरसे...

लरिका भी भीज लीं, मेहरारू भी भीज लीं,

मेहरारू भी भीज लीं, परानिवा भी भीज लीं,

उहों भीज लईली जो अस्सी बरस की

फगुनवा मा रंग रच रच बरसे...

अम्मा मेरे बाबा को भेजो री, के सावन आया

अम्मा मेरे बाबा को भेजो री, के सावन आया,

बेटी तेरा बाबा तो बूढ़ा री, के सावन आया,

अम्मा मेरे भैया को भेजो री, के सावन आया,

बेटी तेरा भैया तो बाला री, के सावन आया |

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नन्ही नन्ही बूंदे रे, सावन का मेरा झूलना,

एक झूला डाला मैंने अम्मा जी के राज में,

एक झूला डाला मैंने बाबाजी के राज में,

हरी हरी मेहंदी रे, सावन का मेरा झूलना,

हरी हरी चुनरी रे, सावन का मेरा झूलना|

This is a medley of Kajari/Savan folk songs sung by women in Uttar Pradesh in Bihar in India. It is sung here by Padmashree Malini Awasthi ji.

राम जी के भईले जनमवा चलहौ करि आई दरसनवा A Sohar song from Ayodhya by Malini Awasthi

अवध में बाजे बधईया, कौसल्या के ललना भये

नौमी तिथि, अति सीत न घामा, कौसल्या के ललना भये

राम जी के भईले जनमवा, चलहौ करि आई दरसनवा

रानी कौसल्या पलना झुलावै, देखि के बिहसै बदलवा

चलहौ करि आई दरसनवा...

राम जी के भईले जनमवा, चलहौ करि आई दरसनवा

This is a beautiful traditional folk song from Ayodhya (Awadh) and Varanasi in India. It belongs to the category of songs called ‘Sohar’. They are sung to celebrate the birth of a child in the family. Srimati Malini Awasthi has sung this song for a TV show.

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